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कामयाबी के रहस्य / Secret of Success

एक बार बाज पक्षी का अंडा जमीन पर गिर गया… और लुड़कते हुए मुर्गी के दरबे में चला गया… वहां पहले से ही मुर्गी के चार अंडे थे… लेकिन मुर्गी ने बाज के अंडे को भी अपना ही समझा और उसकी भी देखभाल अपने अंडों की तरह किया… समय बीता और उसमें से चूजे निकले… बाज के अंडे से भी बच्चा निकला, और वो भी मुर्गी की तरह ही व्यवहार करने लगा… समय बीता, सभी बच्चे बड़े हो गये… और वो बाज का बच्चा भी पूरी तरह मुर्गी बन चुका था….

एक दिन सभी बच्चे अपनी मां के पीछे खुले मैदान में दाना चुग रहे थे… बाज का बच्चा भी उनमें शामिल था… दाना चुगने के दौरान बाज के बच्चे ने अपने जैसे ही एक पक्षी को आसमान में उड़ते देखा… रंग, रुप, आकार, प्रकार में वो उसी प्रकार का था… लेकिन आसमान में वो किसी राजा की तरह कलाबाजियां खा रहा था… और नदी से मछली पकड़कर वो आसमान में उंचा उड़ गया… बाज का बच्चा काफी देर तक उसे निहारता रहा… और अपनी मुर्गी मां को सारी बात बताई… सारी बात सुनने के बाद उसकी मां ने कहा कि ‘बेटा हमलोग मुर्गी है, इसलिए हमलोग आसमान में उड़ नहीं सकते है’…

बाज के बच्चे ने मां की बात मान ली… वो हर दिन पानी में अपने आप को देखता… और सोचा करता कि,  उस बाज का भी रंग, आकार, और सभी कुछ उस जैसा ही है… तब वो उड़ क्यों नही पाता…. उसका मन भी खुले आसमान में उड़ने का करता… लेकिन फिर उसे मां की बात याद आ जाती की हमलोग उड़ने के लिए बने ही नहीं हैं… बाज को वो बच्चा अपनी पूरी जिंदगी मुर्गी की तरह जीवन जिया और इसी जमीन पर दफन हो गया… लेकिन कभी उसने उड़ने की कोशिश नहीं की… अगर वो उड़ने की कोशिश करता तो शायद उड़ सकता था…

कहानी का निचोड़ है कि वो जो जीतने के लिए पैदा हुआ था परिस्थिति के कारण वो हार गया… अब जरा सोचिए अगर वो आपनी मां की दलील से इतर सोचने की कोशिश करता तो शायद उड़ जाता… लेकिन एसा हुआ नहीं… दोस्तों हम भी ऐसा ही करते है… हम भी कोशिश करने से पहले ही हार मान लेते है…. अगर हम थोड़ा प्रयत्न करें तो हर जगह Success  हो सकते हैं…

दोस्तो उम्मीद है कि आपको ये कहानी पसंद आई होगी… अगर कहानी अच्छी लगे तो हमें लाइक करें…

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